Site icon Saavan

Ek tu hi nahi

सब है यहां,
एक तू ही नहीं,
जाने क्या खता हुई मुझसे,
और तुम चल दिए दूर मुझसे,
याद तेरी दिल से जाती नहीं,
तुझ बिन कहीं जी लगता नहीं,
चाहता है दिल तुम होते तो,
कभी किसी बात पर हंसते,
कभी किसी बात पर मुस्कुराते,
कभी किसी बात पर खफा होते,
तेरा गुस्सा भी मुझे अच्छा लगता,
तुम इतने खफा हो गए
कि हमें भूल ही गए,
अभी भी इंतजार है तेरा,
आ जाओ तुम कहीं से,
खिल जाएगी खुशियों
की बगिया मेरी |

Exit mobile version