मिट्टी मे फिसलकर गिरोगे दलदल तक नहीं जाओगे
डूबना ही नहीं जानता उसे ही तैरना चाहिए।
रेत आंखों जाये आसूं निकलेगा
हर परिस्थिति मे पानी निकलेगा
प्यास बुझाना चाहते हो,
बुलंदियों से गिरकर पत्थर से टकराना चाहिए
Hindi kavita


मिट्टी मे फिसलकर गिरोगे दलदल तक नहीं जाओगे
डूबना ही नहीं जानता उसे ही तैरना चाहिए।
रेत आंखों जाये आसूं निकलेगा
हर परिस्थिति मे पानी निकलेगा
प्यास बुझाना चाहते हो,
बुलंदियों से गिरकर पत्थर से टकराना चाहिए