Khwaab Ko saath Milkar Sajaane Lage Muhammad Asif Ali 4 years ago ख़्वाब को साथ मिलकर सजाने लगे घर कहीं इस तरह हम बसाने लगे कर दिया है ख़फ़ा इस तरह से हमें मान हम थे गए फिर मनाने लगे