Ghazal

तेरी याद में

दिल रोया, आंखों ने अश्क बहाया तेरी याद में। रौशनी भाती नहीं, चराग़ बुझाया तेरी याद में। तस्वीर बातें करती नहीं, अब जी भरता नहीं, इंतजार में दिन गिन-गिन बिताया तेरी याद में। ख्वाबों में तेरा आना, मेरा चैन, मेरी नींदें उड़ाना, किसी रात फिर नींद ना आया तेरी याद में। कब होगा तुमसे मिलन, ना मैं जानू या रब जाने, अब जुदाई और सह ना पाया तेरी याद में। देवेश साखरे ‘देव’ »

Ek abaj dekar mujhe bula lo lo

एक आवाज देकर, मुझे बुला लो तू सनम, दौड़ी चली आऊंगी, कुछ नहीं सोचूंगी सनम, तूने अब तक मुझे, पुकारा ही नहीं, तूने अब तक मुझे, ठीक से जाना ही नहीं, मैं तो तेरे प्यार में, गिरफ्तार हूं सनम, बस एक तेरी आवाज देने की जरूरत है सनम, तुम भी मुझे प्यार करो, तो दुनिया मेरी संवर जाए सनम, तेरे बिना जीना गवारा नही है सनम | »

Mere kwabo me tum ho sanam

मेरे ख्वाबों में बस तुम हो, कोई और नहीं है सनम, तुम्हें यकी हो न हो, पर यही सच है सनम, तुम मुझ पर यूं शक ना करो, मैं बस तेरी हूं तेरी हूं सनम, मैं हद से भी ज्यादा तुझे प्यार करती हूं सनम, तू ही तो मेरी दुनिया हो, तू ही तो मेरी जान हो सनम, तू जो पांव जमी पर रख दो, तो मैं कदमों में फूल बिछा दूं सनम, तू अगर साहिल हो तो मै लहरे हू सनम, तेरे कदमों तले मेरी जन्नत है सनम | »

Teri mahfil me

तेरी महफ़िल में सनम, कभी आएंगे न हम, चाहे तुम कितनी गुजारिश कर लो, हम न कभी आएंगे सनम, इस कदर हम इतनी दूर निकल आए हैं हम, तेरी महफिल में सनम, कभी आएंगे न हम, माना वो वक्त कुछ और था, अब वो दौर नहीं है सनम, तब तो तुम्हे मेरी जरुरत ही न थी, तेरी उल्फत ने हमें जीना सीखना ही दिया है सनम, मेरी दुनिया अब अलग है, यही दुनिया अब जन्नत है मेरी, मेरे ख्वाबों में बस तुम नहीं, कोई और है सनम | »

बयां करती है

बिस्तर की सलवटें, शबे-हाल बयां करती है। भीगा सिरहाना, हिज़्रे-मलाल बयां करती है। बेशक लाख छुपाओ, ग़मे-जुदाई का दर्द लेकिन, बेरंग सा चेहरा, बेनूर हुस्नो-जमाल बयां करती है। मुस्कुराहट के पीछे, गम छुपाने का हुनर आता है ‘देव’, फिर भी तसव्वुर तेरी, महबुबे-खयाल बयां करती है। देवेश साखरे ‘देव’ »

ज़ुल्फ तुम्हारा

ज़ुल्फ तुम्हारा, जैसे काली घटा हो। चाँद के रुख़्सार से, इसे तुम हटा दो। बिखरने दो चाँदनी हुस्नो-जमाल की, इसपे जैसे कोई चकोर मर मिटा हो। पहलू में बैठो, लौटा दो मुझे दिले-सुकूँ, मेरी नींद, मेरा चैन जो तुमने लूटा हो। सारी रात यूँ ही, आँखों में गुज़रने दो, करें पूरी, गर कोई बात अधूरा छूटा हो। माँगु मुराद, ये मंजर यहीं ठहर जाए, देखो दूर कहीं कोई सितारा टूटा हो। देवेश साखरे ‘देव’ »

इश्के-फ़साना

इश्के-फ़साना हमारा, मशहूर जमाने में। हमारी मोहब्बत पाक है, सही माने में। सीने में दिल तेरे नाम से ही धड़कता है, दिलो-जाँ कुर्बान, क्या रखा नज़राने में। बे-इंतिहा इश्क की इंतिहा गर गुलामी है, मुझे शर्म नहीं, तेरा गुलाम फ़रमाने में। दिले-सूकूँ जो तेरी आँखों के ज़ाम में है, मिला नहीं डूब कर, किसी मयखाने में। मुतमइन है ‘देव’, मुकम्मल है इश्क मेरा, कम हैं, जो यकीं रखते ताउम्र निभाने में। देव... »

कहानी

वो जिंदगी बेमानी, जिसमें कोई रवानी ना हो। किस काम की जवानी, जिसकी कहानी ना हो। मैंने भी मोहब्बत किया है, हाँ बेहद किया है, किसी से दिल्लगी नहीं की, जो निभानी ना हो। हमारा भी जमाना था, मशहूर इश्के-फसाना था, इश्क ऐसा कीजिए, फिर जिसे छिपानी ना हो। कहने को नहीं कहता, जिया जो वही लिखता हूँ, सच कहता ‘देव’, वो नहीं कहता जो सुनानी ना हो। देवेश साखरे ‘देव’ »

तेरे शहर में

यूं तो हंसीनों की कमी नहीं तेरे शहर में। एक तुझ पे ही दिल आया पहली नज़र में। और कोई नजर आता नहीं, एक तेरे सिवा, इंकार नहीं, प्यार घोलकर पिला दो ज़हर में। रहने को तो हम हुस्नों के बीच भी रहे हैं, ना थी वह बात, उन हुस्नों के असर में। नहीं कहता चांद तारे कदमों में बिछा दूंगा, सजाकर रखूंगा ताउम्र तुम्हें दिल के घर में। दिल की गहराई में ‘देव’ उतर कर तो देख, नहीं मिलेगा ऐसा सैलाब गहरे समंदर ... »

हँसीन नजारा

ये रंगे – बहारा, ये हँसीन नजारा। खुदा ने तुझको, फुर्सत से संवारा। ना मैंने सुना कुछ, ना तुने पुकारा, समझते हैं तेरी, नजरों का इशारा। तू बहती धारा, मैं शांत किनारा, दिल की गहराई में, तुमने उतारा। मचलते जज्बात पर, न जोर हमारा, तू भी हँसीन है, और मैं भी कंवारा। ना मेरा कसुर कुछ, ना दोष तुम्हारा, यह तो खेल है देखो, वक्त का सारा। बैठ पास मेरे, करूँ तुझको निहारा, पल भर की जुदाई, ना मुझे गवारा। तू ... »

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