Tag: कोरोना पर कविता

  • गजल- कोरोना कहर

    गजल- कोरोना कहर
    माना की कोरोना कहर बड़ा मगर आया नहीं |
    सारा जहाँ दहसत मे हिन्द मगर छाया नही |
    फानूस बनके करता हिफाजत वजीरे आलम |
    ठहर गया वो लोकडाउन से कुछ कर पाया नहीं |
    मिल रहा वतन जंगे कोरोना हर खासो आम |
    जीत लेंगे जंग क्या हुआ गर कुछ खाया नहीं |
    है सजग सब कर्मबीर जान अब बचाने सबकी |
    घर कैद जिंदगी और बेटा घर पहुँच पाया नही|
    खींच दिया लक्ष्मण रेखा दहलीज वजीरे आलम|
    माकां मे कैद आदमी कोरोना से मर पाया नहीं |
    मुंह पे नकाब जेब सेनेटाइजर लेकर जाना बाहर |
    रखना दूरिया तुम लोगो साथ कोरोना लाया नहीं |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • कोरोना बुरा है

    कोरोना बुरा है
    पास बुलाये कोई पास जाना बुरा है |
    बुलाकर दे दे तुमको कोरोना बुरा है |
    पास जाना अगर हाथ न मिलाना मगर
    गले मिल गये लग जाये कोरोना बुरा है|
    मिलना मिलाना तदबीज़ है करना जरूरी |
    लगाया न नकाब सांस समाये करोना बुरा है|
    जाना जहाँ तुमको जाओ जरूर मगर |
    हाथ हर चीज तुमको लगाना बुरा है |
    उम्र मात्र कुछ लम्हो कोरोना वाइरस की |
    मर जाएगा वो बिना हाथ धोये खाना बुरा है|
    सर्दी जुकाम खांसी बुखार हो भी जाये अगर |
    जाकर डॉक्टर से ना इलाज कराना बुरा है |
    तुम अकेले नहीं साथ तुम्हारे कई जान है |
    बचके रहो मज़ाक कोरोना उड़ाना बुरा है |
    वक्त हैं बुरा वतन जतन मगर टल जाएगा |
    हम हिन्द आवाम कोरोना ना हराना बुरा है |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • कोरोना को हराना है

    एक जुनून ही हमें आगे ले जाएगा
    आगे की कहानी भी वही बताएगा
    मायूसी जाएगी
    नई सुबह फिर आएगी
    सन्नाटा जाएगा
    कल आज और
    आज कल बन जाएगा
    सन्नाटा चीर कर फिर से विश्व मुस्कुराएगा
    कुछ सीख देखकर यह दौर गुजर जाएगा।।

  • कोरोना मार भगाना है

    कुछ दिन रहेंगे
    घर में आइशोलेट।
    नहीं करेंगे बाहरी दुनिया से हम भेंट।।
    मुख पर मास्क हाथ दस्ताना।
    फिर भी नहीं कोई हाथ मिलाना।
    धोओ हाथ करो सेनेटाईजर।
    हल्दी तुलसी सेवो अक्सर।।
    सूझबूझ और धैर्य से रहकर
    खुद को कोरोना से बचाना है।
    अपने संग-संग निज समाज
    महामारी मुक्त बनाना है।।
    स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र
    दुनिया सुखी बनाना है।
    ‘विनयचंद ‘सब मिलकर मित्रों
    कोरोना मार भगाना। है

  • तड़ीपार हो गए

    हाय कोरोना हम खबरदार हो गए।
    लो अपने हीं घर में तड़ीपार हो गए।।

  • जीवन सोना

    घर के बाहर मत जाना
    कोरोना मिल जाएगा।
    घर के भीतर बन्द रहो
    जीवन सोना मिल जाएगा।।

  • कोरोना पढ़ एक कोशिस लिखने का

    जो लोग आप की ताकत है
    जीवन के भाग्दौर के चलते समय नहीं दे पाते है
    अब घर बंद के चलतेी उनके साथ जीने का मौका दे रही है
    इस डर के माहौल में बस अपनो के साथ मौत भी आ जाए तो कोई खलिश नहीं

  • कोरोना का, सौगात

    बाहर जाकर कोरोना का सौगात नहीं तुम लाना।
    बेशक आधा पेट हीं खाकर घर में तुम सो जाना।।
    खाना आधा पेट से प्राण चले नहीं जाऐंगे तेरे।
    अपना और अपने की जान सुरक्षित रहेंगे तेरे।।

  • करोना का कहर।

    रोग कोरोना से हुई मानवता बेचैन
    जीवन लगता रुष्ट है, बैरी दिखता चैन,
    बैरी दिखता चैन, मौत का नग्न – नृत्य है
    मौन-विधाता बता,किया क्यों क्रूर कृत्य है?
    रोग शमित होगा तभी, रहें भीड़ से दूर
    तभी बचेंगी चूड़ियाँ, माथे का सिन्दूर।

    अनिल मिश्र प्रहरी।

  • ओ कोरोना

    ओ कोरोना
    हो रहा है राष्ट्र लाँक,
    और हो रहा राज्य लाँक।
    नष्ट करेगे इस कोरोना को,
    और करेगे इसको लाँक।।
    बज गई थाली बज गई ताली,
    बजी शंख और बज गई घंटी।
    ओ कोरोना बाँध ले बिस्तर,
    जल्द ही होगी तेरी छुट्टी।।
    धैर्य रखेगे सर्तकता बरतेगे,
    संयम से लेगे हम काम।
    स्वच्छता को हथियार बनाकर,
    आफवाहों पर ना देगे ध्यान।।
    अपनी सूझ बूझ से हम,
    इस वायरस का करेगे नाश।
    सरकार प्रयास कर रही है,
    हम भी है सरकार के साथ।।
    हम भारतीय चलो खाए कसम,
    चाहे करना पड़े कितना परिश्रम।
    अपने भारत देश में एक पल भी,
    कोरोना को लेने देगें ना दम।।
    रीना कुमारी
    तुपुदाना, राँची झारखंड

  • जीवन के आगोश में

    निज गृह भीतर बन्द रहो मन
    जीवन के आगोश में।
    कहर कोरोना का छाया है
    वरना रहोगे अफसोस में।।

  • कोरोना से डरा ना

    कविता
    कोरोना से डरो ना
    स्वच्छता को अपनाओ, कोरोना को ठेंगा दिखाओ।
    जहाँ से आया हमारे देश में, उसे वहाँ भगाओ।।
    चारो तरफ मचा दिया कोहराम, परेशान हो गए हैं हम।
    महाकाल न रहे हमारे बीच, ऐसा एक माहौल बनाए।।
    समस्त नियम के पालन कर के, हम उस पर हावी हो जाए।
    मिटा सके न हम सब को, ऐसा एक पर्यावरण बनाओ।।
    बहुत सह लिए दर्द, अब दर्द हम से सहा नहीं जाता।
    स्वच्छता के हथियार बना कर, कोरोना पर तोप चलाओ।।
    कहे “प्रधुमन “कोरोना से क्यों डरना, ए देश के नौजवानो ।
    डरना हमने सिखा ही कब था, यही दास्तान उसे सुनाओ।।
    -_— प्रधुमन “अमित “

  • जनता कर्फ्यू

    कहर ढा रही प्रकृति हर पल,
    कितनी आहें समेटे भीतर,
    हर दरिंदगी, हर हत्या का
    चुकता आज हिसाब यही है,
    एक तरफ पलड़े में आहें,
    एक तरफ संपूर्ण विश्व है,
    इतनी बड़ी कायनात पर
    एक सुक्ष्म जीव की आज धमक है
    एक तरफ सारे आका है,
    एक तरफ एक तुच्छ जीव है।
    कांप रहे डर से सब थरथर,
    घबराहट का हर जगह दंगल।
    छीक भी दे तो डर से हाफे
    भयाक्रांत हो हर पल कांपे।

    दिन हीन जन खुद को पाते,
    यमराज साक्षात नजर हैं आते,
    अभी एक कहर से उबर न पाए,
    दूजी आफत दे रही सुनाएं।
    अगले महीने उल्कापिंड आने को है
    इस पूरी कायनात से टकराने को है।
    तो क्यों ना मित्रों!
    परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताया जाए,
    समय दिया है कोरोना ने
    भागदौड़ से फुर्सत पाए,
    जो कीमती समय दे ना पाए इतने सालों,
    क्यों न इस बहानेअपने परिवार के साथ कुछ अच्छे पल बिताएं।
    कुछ प्रार्थना करें,
    भगवान से अपनी कृत्यों की माफी मांगे।
    संक्रमण को फैलने से भी रोके,

    अनावश्यक घर से बाहर ना निकले,
    इन कठिन परिस्थितियों में, खुद को भी बचाएं और संक्रमण ना फैले
    घर में रहकर इस कठिन परिस्थिति में अपना सहयोग दें।
    22 मार्च जनता कर्फ्यू को सफल
    बनाएं।

    निमिषा सिंघल

  • कोरोना वायरस खाए जाति है

    🇮🇳सीतापुरिया अवधी भाषा:-🇮🇳

    घर ते निकरई मा जियरा डेराति हई
    कोरोना वायरस खाए जाति है।😩😩

    हरि घंटा हम हाँथ धोइति हन
    खाना- पीना हम संतुलितई खाईति हन
    खाँसी आवई मा जियरा डेराति है
    कोरोना वायरस खाए जाति है।

    संतरा-निम्बू हम खातई रहिति हन
    गिलोय घिसि कई हम कात्ता पीति हन
    तुलसी कि पाती सब दिनु भरि चबाति हई
    कोरोना वायरस खाए जाति है।

    दूरई ते सब ते नमस्ते करिति हन
    हाथ हम कोई ते नाई मिलाइति हन
    मुँह का अपने हम ढाकि के रहति हैं
    कोरोना वायरस खाए जाति है।

    स्वस्थ रहें मस्त रहें और व्यस्त रहें

  • क्या है कोरोना वायरस

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    सर्दी खाँसी हो जाती है
    बहुत तेज ज्वर आता
    हांथो पैरों का दर्द
    बढ़ता ही जाता है
    पहले सूखी खाँसी आती है
    फिर ज्वर ज्वलंत हो जाता है

    बचाव:-
    बचाव ही निदान है
    कोई सफल दवा अब
    तक सम्भव ना हो पाई है
    हांथो पैरों और मुँह को
    साबुन से हरदम स्वच्छ रखो
    लोगों के सम्पर्क से दूर रहो
    और आसपास को स्वच्छ रखो
    भीड़-भाड़ में मत जाओ
    मुँह पर मास्क लगा के रखो
    खांसने छींकने से पहले
    मुँह पर कपड़ा या हाँथ रखो

    उपचार:-
    सफल इलाज़ अभी तक
    सम्भव ना हो पाया है
    इसी लिये कोरोना से
    सारा विश्व घबराया है
    गिलोय पीयो और
    खुद को सर्दी खाँसी
    होने से बचाओ
    तुलसी का काड़ा पीते रहो
    बुखार होने पर जाँच करवाओ
    और विटामिन-सी वाली चीजें खाकर
    इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत बनाओ।
    god bless you

  • कोरोना वायरस

    तेरा नशा कोरोना वायरस की तरह फैल तो गया
    तू दिल में बिन बुलाए मेहमान की तरह
    आ तो गया मगर कान खोल कर सुन ले
    मेरा प्यार कैंसर है
    मरने के बाद ही जायेगा ।

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