Tag: मौसम पर कविताएं

  • जाड़ा

    जब तक नारियल तैल जम न जाये,
    युगपुरुष केजरीवाल जी मफलर न बाँधने लगे
    और बोरो प्लस का विज्ञापन आना न चालू हो जाये……

    तब तक मै नही मानता की सर्दी आ गयी!!

  • सर्दी नहीं जाने वाली

    सर्दी नहीं जाने वाली


    बन्द मुट्ठी में हैं मगर कैद में नहीं आने वाली,
    हाथों की लकीरों की नर्मी नहीं जाने वाली,

    आलम सर्द है मेरे ज़हन का इस कदर क्या कहूँ,
    के ये बुढ़ापे की गर्मी है यूँही नहीं जाने वाली,

    जमाकर बैठा हूँ आज मैं भी चौकड़ी यारों के साथ,
    अब अकेले रहने से तो ये सर्दी नहीं जाने वाली।।

    राही (अंजाना)

  • सर्दी गर्मी या वर्षा हो, चाहे अमावस रात हो

    सर्दी गर्मी या वर्षा हो, चाहे अमावस रात हो
    हैं अडिग हर तूफानों में, चाहे पौष की ठंडी रात हो
    खड़े रहते हैं सरहद पर, चाहे गोली की बौछार हो
    मौत से होता है मिलन यूँ, कि जैसे गले का हार हो
    दुश्मनों के दल में जब वो, तांडव करते हैं
    हों सैकड़ों महाकाल वो, ऐसे लगते हैं
    कितना दुर्गम रास्ता हो, वो नहीं डरते हैं
    हैं नजर से पारखी वो, दुश्मनों पे नजर रखते हैं
    वो राम राज्य लाने को, रहते हैं सदा उतावले
    पर निज स्वारथ के कारण, नहीं चाहते कुछ अंदर वाले

    ~Ram Shukla
    कटरा बाजार, गोंडा उत्तर प्रदेश

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