उनकी तकलीफ देखी न गई

उनकी तकलीफ देखी न गई
जब तकलीफ देखी न गई
वजह भी पूछी न गई
कुछ निशान खामोश है

Related Articles

वजह

कविता- वजह ——————- तन मे तुम हो, मन मे तुम हो दिल में तुमको रखता हूं| चाहे जितना मुझे भुलाओ, निस दिन तुम पर मरता…

“बिटियाँ . . .”

रब का अनमोल वरदान बिटियाँ हैं | ज़ैसे की, तुफ़ान से टकराता दिया हैं | रिश्तों के मोती तो अक़्सर बिख़र ज़ाते, मगर, दो परिवारों…

Responses

New Report

Close