कुछ कह गए तेरे कानों के झुमके

कुछ कह गए तेरे कानों के झुमके
कुछ बातें कर गए तेरे कंगन, कलाई
ज़ुल्फ़ें कर गयी इशारा हवा के झोंके में
और तुम कहती हो कुछ बात न हो पायी

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10 Comments

  1. Anirudh sethi - May 27, 2016, 11:45 am

    bahut khub 🙂

  2. Anil - May 27, 2016, 11:51 am

    adivitiya panktiyan

  3. Priya Bharadwaj - May 27, 2016, 11:56 am

    nice lines

  4. Sridhar - May 27, 2016, 9:37 pm

    nice sir 🙂

  5. देव कुमार - June 2, 2016, 1:23 pm

    Nice Sir

  6. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 7:11 pm

    वाह बहुत सुंदर

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