शब्द

कुछ खो के लि खा…

कुछ पा के लि खा

हमने इस कलम को…

अक्सर आँसुओं में डुबो के लि खा

कभी मि ली नसीहत…

कभी वाह-वाही मि ली

हमने अपने ग़मों को…

अक्सर शब्दों में संजो के लि खा

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4 Comments

  1. Ashish Jain - June 12, 2016, 3:45 pm

    wow ritika nice …

  2. SUBHANGI AGGRWAL - June 12, 2016, 11:36 pm

    waah

  3. देव कुमार - June 13, 2016, 11:56 am

    asm

  4. Anoop - June 13, 2016, 12:53 pm

    Gzb titika g

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