शब्द

कुछ खो के लि खा…

कुछ पा के लि खा

हमने इस कलम को…

अक्सर आँसुओं में डुबो के लि खा

कभी मि ली नसीहत…

कभी वाह-वाही मि ली

हमने अपने ग़मों को…

अक्सर शब्दों में संजो के लि खा


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. Ashish Jain - June 12, 2016, 3:45 pm

    wow ritika nice …

  2. SUBHANGI AGGRWAL - June 12, 2016, 11:36 pm

    waah

  3. देव कुमार - June 13, 2016, 11:56 am

    asm

  4. Anoop - June 13, 2016, 12:53 pm

    Gzb titika g

Leave a Reply