‘शायद कि उन ने जीस्त को बाजार था माना,
वो हो अग्यार जिन्हें यार था माना..’
– प्रयाग
मायने :
जीस्त – ज़िन्दगी
अग्यार – पराए लोग
‘शायद कि उन ने जीस्त को बाजार था माना,
वो हो अग्यार जिन्हें यार था माना..’
– प्रयाग
मायने :
जीस्त – ज़िन्दगी
अग्यार – पराए लोग