अग्यार

‘शायद कि उन ने जीस्त को बाजार था माना,
वो हो अग्यार जिन्हें यार था माना..’

– प्रयाग

मायने :
जीस्त – ज़िन्दगी
अग्यार – पराए लोग

Comments

8 responses to “अग्यार”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सुन्दर प्रस्तुति

    1. आभार आपका

    1. आभार आपका

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