हर निभाने के दस्तूर क़र्ज़ है मुझ पे गोया रसीद पे किया कोई दस्तखत हूँ मैं राजेश'अरमान '

3 Comments

  1. वो नाम भी मेरा लेते है और कसम भी खाते है
    हम तो पहलू में उसके मिटने को कब से तैयार है Nice

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