आओ मनाए मकर सक्रांति, जीवन में लाए संस्कारों की क्रांति। सूरज देवता आए मकर राशि में, समय बड़ा बलवान जाने ना पाए बर्बादी में, स्नान ध्यान करें हम दान पुण्य, लोभ मोह क्रोध को कर दे हम खत्म, आओ मनाए मकर सक्रांति, जीवन में लाए संस्कारों की क्रांति। डाले गायों को चारा, आपस में बढ़ाएं भाईचारा, खेलें हम गिल्ली डंडा, मिटा दे आपस का लड़ना झगड़ना, आओ मनाए मकर सक्रांति, जीवन में लाएं संस्कारों की क्रांति। खाकर खिलाकर तिल के लड्डू, गले लग कर लगाकर दिल से दिल मिलाओ , मिटा ए अंधविश्वासों की क्रांति
आओ मनाए मकर सक्रांति
Comments
3 responses to “आओ मनाए मकर सक्रांति”
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उत्तम प्रयास
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Good
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वाह बहुत सुंदर
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