आजादी

‘आजादी’ आखिर क्या है आजादी

होना क्या होता है आज़ाद होना

ईमान से आज़ाद हो गए,

थाम दामन बेइमान हो गए हम

प्यार से आज़ाद हो गए,

अदावत पर फ़िदा हो गए हम

शहीदी को जहन से भुला,

भष्ट गद्दार खोखले हो गए हम

उसूल आन से आज़ाद हो,

गुरूर मे चूर हो गए है हम

जिसे पाने की कोशिश मे,खुद को खो दिया हमने

अब खो दिया सब आज़ाद हो गए है हम

Comments

2 responses to “आजादी”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Abhishek kumar

    सुन्दर रचना

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