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आपकी चंचल चुनरिया

आपकी चंचल चुनरिया को
मैं भिगो दूँगा,
मेघ का एक छोटा टुकड़ा बन
सावन में झड़ी लगा दूँगा।
बिछाने हर तरफ
खुशी की हरियाली,
अपने जीवन की
हर एक घड़ी लगा दूँगा।

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