Site icon Saavan

आड़े आता है

आगे बढ़ने की ललक में
घमंड आड़े आता है,
इंसान बढ़ना चाहता है
दम्भ आड़े आता है।
जिसके भीतर बारिश तो हो
पर दम्भ उग आए,
उसे साफ करना होता है
वरना वह आड़े आता है।
बारिश का मौसम धीरे-धीरे
ठंडे जाड़े लाता है,
फूलों को उगने में मन का
कंटक आड़े आता है।

Exit mobile version