तुम्हें याद है वह उधार वाला वादा?
याद है तुम्हें एक कप चाय का वादा
जो तुमने किया था मुझसे कभी
और आज तक पूरा नहीं किया
मुझे भी याद है और तुम्हें भी याद है।
पर पता नहीं कब तुम मेरे वादे को
मुकम्मल करने आओगी
और मेरा उधार वाला वादा पूरा करोगी।
क्योंकि वह वादा आज भी उधार है।