एक तेरे बगैर ही न गुजरेगी ये ज़िंदगी….,
मैं क्या करूं सारे जमाने की खुशियाँ लेकर….
एक तेरे बगैर ही….
Comments
9 responses to “एक तेरे बगैर ही….”
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bhut sundar
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धन्यवाद
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बहुत उम्दा
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धन्यवाद
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वाह वाह
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धन्यवाद
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बहुत सुंदर
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धन्यवाद
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धन्यवाद
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