वाह, झमाझम बारिश देखो
सुन्दर सावन बरस रहा,
तन भीगा मन भीगा मेरा
तेरा मन क्यों तरस रहा,
आ जा पास प्रियतम मेरे,
एक नई शुरूआत करें,
आज मिटा लें अपनी दूरी
एक नई शुरूआत करें।
— डॉ0 सतीश पाण्डेय
वाह, झमाझम बारिश देखो
सुन्दर सावन बरस रहा,
तन भीगा मन भीगा मेरा
तेरा मन क्यों तरस रहा,
आ जा पास प्रियतम मेरे,
एक नई शुरूआत करें,
आज मिटा लें अपनी दूरी
एक नई शुरूआत करें।
— डॉ0 सतीश पाण्डेय