4 Comments

  1. वाह से पद की शुरुआत और झमाझम शब्द से बारिश को विशिष्ट बनाना और प्रकृति की सुन्दरता में श्रृंगार रस भरना।
    कमाल का हुनर है।।
    बहुत खूब

  2. सादर धन्यवाद सर, आलोचक हो तो ऐसा हो, को कवि में उमंग पैदा करे, ग्लानि नहीं। आपकी लेखनी को सलाम

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