आपकी लाठी
हमारी भैंस है
हाँकिये ना
आपकी तो ऐश है।
एक दूजे पर गिराकर कीच को
जीत में अब
किस तरह का पेंच है।
हो न हो मुद्दों का हल
रहने भी दो,
आपसी विद्वेष तो
बढ़ने न दो।
एक होकर बात को
आगे बढ़ाओ,
कुछ नई उपलब्धि लाओ
दम लगाओ।
आपकी लाठी
हमारी भैंस है
हाँकिये ना
आपकी तो ऐश है।
एक दूजे पर गिराकर कीच को
जीत में अब
किस तरह का पेंच है।
हो न हो मुद्दों का हल
रहने भी दो,
आपसी विद्वेष तो
बढ़ने न दो।
एक होकर बात को
आगे बढ़ाओ,
कुछ नई उपलब्धि लाओ
दम लगाओ।