आपकी लाठी
हमारी भैंस है
हाँकिये ना
आपकी तो ऐश है।
एक दूजे पर गिराकर कीच को
जीत में अब
किस तरह का पेंच है।
हो न हो मुद्दों का हल
रहने भी दो,
आपसी विद्वेष तो
बढ़ने न दो।
एक होकर बात को
आगे बढ़ाओ,
कुछ नई उपलब्धि लाओ
दम लगाओ।
कुछ नई उपलब्धि लाओ
Comments
7 responses to “कुछ नई उपलब्धि लाओ”
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Very good👍👍
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बहुत ही सुंदर पंक्तियां
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पढ़ लिया कवितों की तरह, बहुत अच्छा लगा ।
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वाह वाह क्या बात है!!!!
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बहुत ख़ूब
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वाह वाह बहुत खूब, बहुत ही शानदार
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वाजवाब शानदार
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