Site icon Saavan

कौन मिलेगा कहां

कौन जानता है

कि कौन मिलेगा कहां

देखौं न

मैं तो हूँ यहां

और तुम हो

न जाने कहां

लेकिन तुम

मिल रहे हो मुझसे

पढ़कर मेरी लिखी जुबां।

 

                               – कुमार बन्टी

 

Exit mobile version