खामोश जब मैं हो जाऊंगा

खामोश जब मैं हो जाऊंगा।
न फिर तुमको नज़र आऊंगा।

अब तो कहते हो चले जाओ;
यादें मगर ऐसी मैं दे जाऊंगा।

बदल जाएगा वक्त और हालात;
हर जगह नज़र पर मैं आऊंगा।

कैसे कह दोगे नहीं रिशता बाकि;
दिल से जब न निकल कभी पाऊंगा।।।
कामनी गुप्ता ***
जम्मू !

Comments

3 responses to “खामोश जब मैं हो जाऊंगा”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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