ख्वाब – 7 UE Vijay Sharma 11 years ago रातों के ख्वाब गर लुट जाएँ तो उनका कुछ भी गम नहीं दिन के ख्वाब गर लुट जाएँ ज़िन्दगी में फिर गम कम नहीं …… यूई