जब लबों से दिल की बात नहीं होती

जब लबों से दिल की बात नहीं होती!
धड़कनों की कोई रात नहीं होती!
कदम फिर रूकते नहीं ख्यालों के,
जब किसी से मुलाकात नहीं होती!

 


 

क्या होता है जब तुम पास नहीं होती!
मेरी जिन्दगी मेरे पास नहीं होती!
कटती नहीं है रात गम-ए-तन्हाई की,
सहर भी होने की आस़ नहीं होती!

#महादेव

Comments

4 responses to “जब लबों से दिल की बात नहीं होती”

  1. anupriya Avatar
    anupriya

    nice one mithilesh ji

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. Satish Pandey

    कदम फिर रूकते नहीं ख्यालों के,
    जब किसी से मुलाकात नहीं होती!
    वाह वाह

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