जिंदा है अगर तू

जिंदा है अगर, तू जिंदगी की नाक में दम कर दे।
तू हंस, तू मुस्करा, और रोना बंद कर दे।।
तेरा है जो, उसे लड़ के छीन ले
बाकि जिंदगी को , तू दान कर दे।।

हैं अपनी लाश नहीं अगर तू
समस्याओं को सारी दफ़न कर दे,
तुझसे तो बड़ी नहीं, बाधाएं तेरी
बाधाओं को ताबूत में, कैद कर दे।

बड़ा समुन्द्र सा बन जा तू
और नदियों को मजबूर कर दे।
काबिल बना ले खुद को यूं
तू जुबां लोगो की बंद कर दे।।

तू हंस, तू मुस्करा ,और रोना बंद कर दे।
जिंदा है अगर, तू जिंदगी की नाक में दम कर दे।।

AK KI DIARY

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