दिल तोड़कर जालिम मत मुस्काराया करो,
मेरे प्यार को इतना मत अजमाया करो।
तुमको ही देखने आता हूँ ,तेरे गलियों के पान दुकान पर,
मुझे देखकर खुद को छुपाया ना करो—
कैसे समझाँऊ प्यार, महोब्बत की बात होते अकेले मे—
सखियो के संग मिलने मत आया करो।
देखकर तुझे कोई फिदा ना हो जाय,
इतना सज-धज के काँलेज मत जाया करो!!
सीधा ही दिया करो मेरे सवालो का जबाब,
बातो मे फँसाकर मेरे मजबुरी का फायदा मत उठाया करो,
दिल तोड़कर जालिम मुस्कुराया मत करो–
मेरे प्यार को इतना मत अजमाया करो।
दिल तोड़के जालिम मत मुस्कुराया करो।
Comments
4 responses to “दिल तोड़के जालिम मत मुस्कुराया करो।”
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Very good
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धऩ्यवाद
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Waah
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धन्यवाद
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