आज प्रेम दिवस पर आई आपकी याद,
जब देखे बागों में गुलाब,
तब आई आपकी याद।
आ गए याद कुछ बीते पल,
आए याद कुछ मीठे गीत,
कहां छिपे हो मन के मीत।
आज अकेला पन खलता है,
बहुत दिनों के बाद।
आज आ गई आपकी याद,
याद आए वो खिले गुलाब।
किस से कहें मन का संताप,
क्यूं रूठे बैठे हो हमसे,
हम तो प्रतीक्षा में हैं कबसे।
आज आई आपकी बहुत याद ।।
प्रेम दिवस
Comments
2 responses to “प्रेम दिवस”
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बहुत ख़ूब
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सुंदर
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