फिर से बचपन में लौटना है आज मुझे
कुछ पल फुर्सत के जीना है आज मुझे
मां की गोद में रखकर सिर सोना है आज मुझे
बहन की चोटी खींच आज फिर दौड़ लगाना है
छिपकर पापा के पीछे से उसे चिड़ाना है।
फिर से बचपन में लौटना है आज मुझे
कुछ पल फुर्सत के जीना है आज मुझे
मां की गोद में रखकर सिर सोना है आज मुझे
बहन की चोटी खींच आज फिर दौड़ लगाना है
छिपकर पापा के पीछे से उसे चिड़ाना है।