बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव।
पनघट पे हलचल पीपल की छाँव।।
भोली -सी सूरत, मंदिर की मूरत,
टनकती वो घंटियाँ निर्मल मुहूरत,
खेतों में खरहा मुंडेरों पे कांव।
बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव।।
बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव।
पनघट पे हलचल पीपल की छाँव।।
भोली -सी सूरत, मंदिर की मूरत,
टनकती वो घंटियाँ निर्मल मुहूरत,
खेतों में खरहा मुंडेरों पे कांव।
बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव।।