बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव।
पनघट पे हलचल पीपल की छाँव।।
भोली -सी सूरत, मंदिर की मूरत,
टनकती वो घंटियाँ निर्मल मुहूरत,
खेतों में खरहा मुंडेरों पे कांव।
बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव।।
बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव
Comments
11 responses to “बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव”
-
वाह
-
आभार
-
-
Nice
-
Thanks
-
-

सुन्दर
-
Thank u
-
-

सुन्दर
-
Thanks
-
-
बहुत सुन्दर रचना।
-
Thank u very much
-
-

Nice
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.