बेबसी का सैलाब कुछ ऐसा आया ,
सब रिश्तों को बहा ले गया,
तंगी कुछ ऐसी हुई कि,
हर कोई हमसे; तंग-सा हो गया,
और जनाब!कोरोना तो वैसे ही;
हैं बदनाम ;आजकल
कोरोना से बुरा तो ,
हमारा वजूद हो गया।
बेबसी का सैलाब कुछ ऐसा आया ,
सब रिश्तों को बहा ले गया,
तंगी कुछ ऐसी हुई कि,
हर कोई हमसे; तंग-सा हो गया,
और जनाब!कोरोना तो वैसे ही;
हैं बदनाम ;आजकल
कोरोना से बुरा तो ,
हमारा वजूद हो गया।