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मिजाज

मत उछालो मेरे ज़हन को;
मत उछालो मेरे ज़हन को,
खिलौना समझ कर,
मेरा मिजाज कुछ कोयले सा है!
कब लपट बनजाए कुछ पता नहीं।

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