मिजाज मोहन 6 years ago मत उछालो मेरे ज़हन को; मत उछालो मेरे ज़हन को, खिलौना समझ कर, मेरा मिजाज कुछ कोयले सा है! कब लपट बनजाए कुछ पता नहीं।