मुक्तक

तेरा ख्वाब पलकों में पुराना नहीं होता!

तेरे बगैर मेरा मुस्कुराना नहीं होता!

मिल जाती मंजूरे-नजर मुझको जो तेरी,

दर्द का यूँ जिन्दगी में आना न होता!

 

Composed by महादेव

 

Comments

One response to “मुक्तक”

  1. Sridhar Avatar
    Sridhar

    bahut khoob

Leave a Reply

New Report

Close