तेरा ख्वाब पलकों में पुराना नहीं होता!
तेरे बगैर मेरा मुस्कुराना नहीं होता!
मिल जाती मंजूरे-नजर मुझको जो तेरी,
दर्द का यूँ जिन्दगी में आना न होता!
Composed by महादेव
तेरा ख्वाब पलकों में पुराना नहीं होता!
तेरे बगैर मेरा मुस्कुराना नहीं होता!
मिल जाती मंजूरे-नजर मुझको जो तेरी,
दर्द का यूँ जिन्दगी में आना न होता!
Composed by महादेव