मुक्तक

क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो?
अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो!
रग रग में उमड़ आता है तूफान हुस्न का,
तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो!

#महादेव_की_कविताऐं'(25)

Comments

7 responses to “मुक्तक”

    1. Mithilesh Rai Avatar

      धन्यवाद आदरणीया

    1. Mithilesh Rai Avatar

      धन्यवाद आदरणीया

  1. Abhishek kumar

    Awesome

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