मुक्तक

तेरे बगैर मैं तो तन्हा जिया करता हूँ!
शामों-सहर मैं तुमको याद किया करता हूँ!
जिन्द़गी थक जाती है करवटों से लेकिन,
नींद में भी तेरा मैं नाम लिया करता हूँ!

मुक्तककार- #महादेव’ (मात्रा भार 25)

Comments

6 responses to “मुक्तक”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Abhishek kumar

    Nice one

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