मुक्तक

तेरी सूरत का मैं दीवाना हूँ कबसे!
तेरी बेताबी का परवाना हूँ कबसे!
अंजामे-बेरूखी से बिखरी है जिन्दगी,
जख्मे-तन्हाई का अफसाना हूँ कबसे!

मुक्तककार- #महादेव'(24)

Comments

4 responses to “मुक्तक”

  1. Ramesh Singh Avatar

    Behtareen panktiya sir

  2. JYOTI BHARTI Avatar

    बहुत खूबसूरत

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

  4. Abhishek kumar

    Nice

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