मुक्तक

तेरे बिना मेरी जिन्दगी कटेगी कैसे?
तेरे बिना मेरी तिश्नगी मिटेगी कैसे?
तेरी बेपनाह चाहत है आज भी दिल में,
तेरी आरजू इरादों से हटेगी कैसे?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

One response to “मुक्तक”

  1. Abhishek kumar

    Wow

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