मुक्तक

मत करो तुम कोशिश जब वो आसान हो!
खोज लो उजाले जब कभी वीरान हो!
चाँद खींच लेना प्यार से आगोश में,
राहे–जिन्दगी न तेरी सूनसान हो!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
(#मात्रा_भार_22)

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Lucky Nimesh Avatar

    बहतरीन जी मेरी रचना वतन पर भी कमेन्ट करें जो प्रतियोगिता में है

  2. Abhishek kumar

    Jai ho

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