मुक्तक

तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो!
तुम मेरी नींद को उड़ा कर चली जाती हो!
आँखों में ठहर जाता है हुस्न का जादू,
तुम मेरी प्यास को जगा कर चली जाती हो!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. Abhishek kumar

    Very good

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