मुक्तक

हमें दर्द जिंदगी में मिलते रहेंगे!
हम राहे-मंजिलों पर चलते रहेंगे!
डरते नहीं किसी से रंग मौसमों के,
फूल तमन्नाओं के खिलते रहेंगे!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

One response to “मुक्तक”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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