तेरा नाम कागज़ पर बार-बार लिखता हूँ।
तेरे प्यार को दिल में बेशुमार लिखता हूँ।
टूटेगा न सिलसिला तेरी तमन्नाओं का-
तेरे ख़्यालों पर गमें-इंतज़ार लिखता हूँ।मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मुक्तक
Comments
3 responses to “मुक्तक”
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Waah
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Waah
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वाह बहुत सुंदर रचना
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