मुक्तक

मैं तेरे बग़ैर तेरी तस्वीरों का क्या करूँ?
मैं तड़पाती यादों की जागीरों का क्या करूँ?
मैं अश्कों को पलकों में रोक सकता हूँ लेकिन-
मैं दर्द की लिपटी हुई जंजीरों का क्या करूँ?

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

4 responses to “मुक्तक”

  1. ज्योति कुमार Avatar

    वाह सर ।
    बेमिसाल

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

Leave a Reply

New Report

Close