मेहनत बेकार नहीं जाती है
आज नहीं तो कल वह उग कर,
नई कली बन
मुस्काती है।
आज सोचते हैं हम इतना
करने पर भी मिला नहीं कुछ,
लेकिन करने पर मिलता है,
यही शाश्वत जीवन का सच।
आज अगर हम पेड़ लगाएं
तब ही फल पा सकते हैं कल
छाया-पत्ती तो पायेंगे
अगर नहीं लग पायेंगे फल।
मेहनत है अपने हाथों में
फल देना दाता का काम,
मेहनत कर लो मेहनत कर लो
हासिल होगा तुम्हें मुकाम।