हो गई है भोर,
गुनगुनी सी धूप है,
ना व्यर्थ का कोई शोर
बदल रहा है मौसम,
तुम ना बदल जाना
अच्छा लग रहा है,
सर्दी का यूं धीरे-धीरे आना
*****✍️गीता
हो गई है भोर,
गुनगुनी सी धूप है,
ना व्यर्थ का कोई शोर
बदल रहा है मौसम,
तुम ना बदल जाना
अच्छा लग रहा है,
सर्दी का यूं धीरे-धीरे आना
*****✍️गीता