उठ तू शहर से पर गांव को याद रख,
पहुँच आसमां से ऊपर पर जमीं को याद रख,
बेशक मिले होंगे यार हजार पर ,
जर्रे ए जिगर में इस दुश्मन को याद रख।
अगर लाना है अपनी डाल पर फल ए बहार,
तो अपनी टहनियों में लचक बरक़रार रख…
उठ तू शहर से पर गांव को याद रख,
पहुँच आसमां से ऊपर पर जमीं को याद रख,
बेशक मिले होंगे यार हजार पर ,
जर्रे ए जिगर में इस दुश्मन को याद रख।
अगर लाना है अपनी डाल पर फल ए बहार,
तो अपनी टहनियों में लचक बरक़रार रख…