रात भर दर्द था कल
मन के किसी कोने में,
आज भी गम कहाँ कम
डर रहे हैं सोने में।
आज दिल में
ज़रा सी राहत है ,
जब सुना आपके मन में
हमारी चाहत है।
रात भर दर्द था कल
मन के किसी कोने में,
आज भी गम कहाँ कम
डर रहे हैं सोने में।
आज दिल में
ज़रा सी राहत है ,
जब सुना आपके मन में
हमारी चाहत है।