“वतन-परस्ती”

वतन परश्ती के लिये कोई हिन्दू कोई मुसलमाँ नहीं होता ,
जिधर  भी  देखो  हर  वक्त  मौजूद  भगवान  नहीं होता,
ज़रा नफरत की आग तो बुझाओ हर तरफ तुम्हें यही पैगाम दिखेगा,
जिस  जिस  के  दिल  में  भी  तुम  झाकोगे बस हिन्दुस्तान दिखेगा,

Comments

6 responses to ““वतन-परस्ती””

  1. Ritu Soni Avatar
    Ritu Soni

    Very nice

  2. Dev Kumar (DK) Avatar
    Dev Kumar (DK)

    so nice

    1. Ushesh Tripathi Avatar
      Ushesh Tripathi

      Thank u

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